Monday, July 23, 2018

कर्सनभाई पटेल, निरमा पाउडर के जनक – Young Entrepreneurs in India

सबकी पसंद निरमा। वाशिंग पाउडर निरमा… निरमा

करसनभाई पटेल भारत के सफल उद्योगपति, निरमा समूह के संस्थापक हैं। इन्‍होंने अकेले के दम पर खड़ी की 600 Million Dollar की Company.

सौंदर्य प्रसाधन, साबुन, डिटर्जेंट, नमक, सोडा ऐश, प्रयोगशाला और चिकित्सकीय इंजेक्टिबल्स आदि का निर्माण करता है निरमा समूह।


कर्सनभाई पटेल का जन्‍म 13 अप्रैल 1944 को गुजरात राज्‍य के मेहसान शहर में एक किसान के घर पर हुआ था। कर्सनभाई पटेल ने 21 वर्ष की आयु में रासायन शास्‍त्र में BSC की पढ़ाई पूरी की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एक प्रयोगशाल में सहायक के तौर पर कार्य करने लगे, उसके बाद गुजरात सरकार के खनन और भूविज्ञान विभाग में कार्य किया।

कर्सनभाई पटेल ने अनुभव किया की वाशिंग पाउडर में व्‍यापार के लिए अच्‍छा विकल्‍प है क्‍योंकि भारत में ज्‍यादातर वाशिंग पाउडर विदेशी बाजार के थे जो बहुत मंहगे थे। 1969 में उन्होंने अपने घर के पिछे अपनी बेटी के नाम से Nirma Company की शुरूआत की।

कर्सनभाई पटेल ने शुरूआत में साइकिल पर वाशिंग पाउडर को बेचना शुरू किया, कर्सनभाई पटेल अपनी Job से लौटते समय अपने साइकिल से घर-घर जाकर अपना बनाया हुआ वाशिंग पाउडर बेचा करते थे।

शुरूआत में कर्सनभाई पटेल ने वाशिंग पाउडर की कीमत 3 रूपए प्रति किलोग्राम रखी। उस समय अन्‍य वाशिंग पाउडर की कीमत 30 रूपए किलोग्राम थी।

कर्सनभाई पटेल को रासायन का अच्‍छा ज्ञान होने के कारण लोग इस सस्ते और अच्छे निरमा वाशिंग पाउडर को ही खरीदने की इच्छा रखने लगे। धीरे-धीरे निरमा भारत के Top Brands में आ गया। और सस्‍ता होने के कारण बाजार में आपनी जगह बनाने लगा।

निरमा वाशिंग पाउडर के बाद कर्सनभाई पटेल ने निरमा Beauty Soap, Premium Powder और Super Nirma Detergent जैसे उत्‍पादों को बाजार में उतारा।

कर्सनभाई पटेल ने निरमा Shampoo और Toothpaste भी बनाया लेकिन यह बाजार में चल न सका। निरमा समूह ने शुद्ध नाम का नमक भी बाजार में उतारा जो की सफल भी रहा। आज बाजार में निरमा वाशिंग पाउडर 35% और निरमा साबुन की लगभग 20% की हिस्‍सेदारी हैं।


1990 के दशक में निरमा एक बहुत ही प्रसिद्ध Brand बन गया। Soap और Detergent बाजार में अन्य बड़े और Competitive Brands के होते हुए भी निरमा की सफलता का श्रेय इसकी गुणवत्‍ता को जाता हैं।

करसनभाई पटेल ने अपने आपको देश में स्थापित करने के बाद विदेशी बाजार की तरफ अपना कदम बढ़ाया और बांग्लादेश, चीन, अफ्रीका और एशिया की तरफ अपना रूख किया।

करसनभाई पटेल ने 2007 में अमेरिका में ”सीर्लेस वैली मिनरल्स इंक” का अधिग्रहण किया और दुनिया के शीर्ष सोडा ऐश निर्माताओं में शामिल हो गए।

सन 1995 में करसनभाई पटेल ने अहमदाबाद में ‘निरमा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी’ की स्थापना की और उसके बाद एक प्रबंधन संस्थान की भी शुरूआत की। बाद में दोनों संस्थान ‘निरमा यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ के अंतर्गत आ गए। इन संस्थानों को ‘निरमा एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन’ द्वारा संचालित किया जाता हैं।

करसनभाई पटेल को कई सम्‍मान से भी नवाजा गया हैं, उन्‍हें दो बार Soaps और Detergent के विकास परिषद के अध्यक्ष के तौर पर चुना गया, और गुजरात Detergent Manufacturers Association के अध्यक्ष बनाये गए साथ ही नई दिल्ली के Small Industries Association द्वारा उद्योग रत्न की उपाधि से भी सम्‍मानित किया गया हैं। 1990 में ‘उत्कृष्ट उद्योगपति’ के सम्मान से भी नवाज़ा गया। करसनभाई पटेल को 1998 में गुजरात व्यवसायी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2001 में उन्हें Florida Atlantic University, Florida, USA, द्वारा मानद Doctorate की उपाधि से सम्मानित किया गया।

आज कर्सनभाई पटेल 600 Million Dollar से ज्यादा के मालिक है। एक आदमी से शुरू की हुई Nirma Company में आज 14,000 लोग काम करते है।

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